भज मन मेरे कृष्ण मुरार
भज मन मेरे कृष्ण मुरार, भज मन मेरे श्याम मुरार ।
दुर्लभ मानव तन तू पाया -२.
शुभ कर्मों का अवसर आया ।
खुल जाए मुक्ती का द्वार ।
भज मन मेरे................२
जीवन तेरा बीता जाए-२ गया वक्त फिर हाथ ना आए
कर ले यत्न हजार ।
भज मन मेरे................२
बाल पना खेलन में खोया
जबर जवानी राह भरमाया
आया बुढ़ापा रोग सतावे, खाँसी और बुखार ।
भज मन मेरे...............२
करन कमाई तू जग में आया- २
जुआ खेल कर मूल गंवाया
सिर हो गया कर्ज का भार ।
भज मन में कृष्ण मुरार... २
शुभ कर्मों के निकट न आया - २ रज-२ तूने पाप कमाया
यमदूतों की पढ़ेगी मार।
भज मन मेरे...
श्याम की महिमा देव न जाने
नेति - २ जिस वेद बखाने
जग का पालन हार ।
भज मन मेरे....
श्याम नाम से कटते पाप
श्याम नाम से मिटे संताप
दुख दर्दों का रहेन भार ।
भज मन मेरे...
श्याम नाम की जपे जो माला'
जीवन उसका होए उजाला
श्याम नाम तू मुख में धार । भज मन मेरे....२
इक दिन ऐसा आएगा-
तू रो रो कर पछताएगा । तेरा जीवन होगा तुझ पर भार भज मन मेरे............२
जब काल बुलावा आएगा तू पलक नहीं ठहराएगा ।
स्वप्न समान है ये संसार ।
भज मन मेरे.२
सोने जैसी काया तेरी होवेगी इक दिन राख की ढेरी
मत कर सोच विचार ।
भज मन मेरे....२
भवसागर में जल बहुतेरा । कोई ना संगी साथी तेरा तेरी नाव डूबेगी मझधार ।
भज मन मेरे......२
तू देश पराए जाएगा