कर आरती नंदनंदन की
कर आरती नंदनंदन की,
घड़ी सफल कर जीवन की......
प्रभु चरणों पर सीस झुका,
धूप दिखा और फूल चढ़ा
सेवा कर ले संतन की ॥ घड़ी सफल.....
कर माया का दान सदा,
सुन गीता का ज्ञान सदा
कर शुद्धि अपने मन की घड़ी सफल.
कर भगता प्रणाम सदा,
संतजनों को शीश झुका
झांकी देख ले मोहन की ॥ घड़ी सफल..
मनमोहन को जपता जा,
इस दुनिया को मन से भुला
धूपछाया जैसे सावन की ॥ घड़ी सफल.
कर आरती नंदनंदन की,
घड़ी सफल कर जीवन की ....