सांवली मूरत मेरे मन वसिया
सांवली मूरत मेरे मन वसिया
मेरे मन वसिया जी, मेरे दिल रसिया
सांवली मूरत मेरे मन वसिया........
जो चल आवे सो फल पावे
मंगियां मुरादां सानू देसियां मैं वारी शामां,
मंगिया मुरादा सानू देसियाँ सांवली मुरत मेरे......
मोर मुकुट माथे तिलक विराजे
कानी कुण्डल गल हसिया,
मैं वारी शाम कानी कुण्डल गल हसिया सांवली मुरत मेरे..
जमुना किनारे प्रभुजी धेनु चरावे
ग्वालन लीला तेरी लखिया,
मैं वारी शामां ग्वालन लीला तेरी लखिया सांवली मुरत मेरे.......
हम जो चली शामां जमुना जल भरने
कान्ह गगरिया मोरी खसिया,
मैं वारी शामां कान्ह गगरिया मोरी खसिया सांवली मुरत मेरे......
आपभी सांवला शामा नयन सलोने
मुख पर बंसरी रखिया, मैं वारी शामा
मुख पर बंसरी रखिया सांवली मुरत मेरे......
केशवराजा दी एहो विनंती
सानू भी दर्शन देसियां, मैं वारी शामा
सानू भी दर्शन देसियां सांवली मुरत मेरे.......