मध्यान्हकाल झाला
मध्यान्हकाल झाला श्रीदत दिगम्बर आला-2॥
सिंहाचल गिरि मांही बसाई
दत्तात्रेय प्रभु नाम धराई
गल मोतियन की माला,
मध्यान्हकाल झाला ॥1॥
सहस्त्र - अर्जुन टुण्ड कहाई
दत्तात्रेय जी की शरणी जाई,
अगर चंदन और धूप चढ़ाई,
लेत भुजा घर आला मध्यान्हकाल झाला॥
मध्यान्हकाल झाला.... ॥2॥
यदुराजे को ज्ञान बताओ,
अर्लक के त्रैताप मिटाओ,
मुक्त कियो तत्काला,
मध्यान्हकाल झाला ......॥3॥
सुरनरमुनिजन तुझे ध्यावे,
जो इच्छित सो ही फल पावें,
इच्छित फल के द्याला,
मध्यान्हकाल झाला........ ॥4॥
दासानुदास तेरा यश गावें,
दास अधीन मुनि रंक कहावें,
चरण पूजूं त्रैकाला,
मध्यान्हकाल झाला....... ॥5।।