करों उपहार मेरा स्वीकार
नमो पंच अवतार करों उपहार मेरा स्वीकार
करो उपहार मेरा स्वीकार ॥
करूँ आवाहन कृपाधन आओ
यही विनती तुम भोग लगाओ
कब से रहा हूं पुकार..२ करो उपहार मेरा......... ।
तेरा दिया ही हम सब खाते
तू देता हम तुझे चढ़ाते
व्यक्त करूँ आभार..२ करो उपहार मेरा.........।
विप्र सुदामा सा नहीं अनुराग
प्रेम भरा नहीं विदुर सा साग
जोड़ा न कुछ अधिकार..२ करो उपहार मेरा......
रूखा सूखा चना चबेना
नाथ स्वीकारों न मत करना
तेरा ही इक आधार करो.. २ करो उपहार मेरा....... ।
आसन अखियन बीच बिछाया
देर करो मत मन अकुलाया
विनती करूं बारम्बार.. २ करो उपहार मेरा...
नमो पंच अवतार करों उपहार मेरा स्वीकार
करो उपहार मेरा स्वीकार ॥